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Pneumonia: शरीर में इस तरह के दिखते हैं नà¥à¤¯à¥‚मोनिया के लकà¥à¤·à¤£, जिसके चलते नसीरà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ शाह को करवाना पड़ा à¤à¤°à¥à¤¤à¥€
कहने को निमोनिया à¤à¤• सामानà¥à¤¯ फेफड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, लेकिन यह जीवन के लिठखतरा à¤à¥€ हो सकता है। इसलिठजितनी जलà¥à¤¦à¥€ हो, इसके संकेतों को समà¤à¥‡à¤‚ और इलाज कराà¤à¤‚।
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, निमोनिया à¤à¤• या दोनों फेफड़ों में होने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जो à¤à¤¯à¤°à¤¸à¥ˆà¤• को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करता है। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस इसके असली कारण हैं। निमोनिया से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के फेफड़ों में मौजूद वायॠथैली दà¥à¤°à¤µ या फिर मवाद से à¤à¤° जाती है, जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को खांसी, सीने में दरà¥à¤¦ होने के अलावा सांस तक लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। कई बार निमोनिया बढऩे पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मौत तक हो सकती है। बेशक निमोनिया हमेशा घातक नहीं होता, लेकिन जितनी जलà¥à¤¦à¥€ आप निमोनिया के संकेतों को समठलेंगे, उतनी ही जलà¥à¤¦à¥€ बेहतर महसूस कर पाà¤à¤‚गे।
​कफ के साथ खांसी
खांसी वैसे तो कई कारणों से हो सकती है। जैसे धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने , संकà¥à¤°à¤®à¤£ यहां तक की केमिकल कॉनटेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ खांसी का कारण बन सकता है। इस तरह की खांसी के लिठउपचार की जरूरत नहीं होती। लेकिन आप कैसे समà¤à¥‡à¤‚गे कि यह खांसी निमोनिया का संकेत दे रही है। अगर खांसी समय के साथ बेहतर होने के बजाय बदतर होती जाà¤, तो यह निमोनिया होने का संकेत है।
कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सरà¥à¤¦à¥€ या फà¥à¤²à¥‚ होने के बाद बीमार महसूस करता है, तो उसे मेडिकल टेसà¥à¤Ÿ कराना चाहिà¤à¥¤ यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कफ या बलगम वाली खांसी शà¥à¤°à¥‚ हो गई है, खासतौर से अगर बलगम गाढ़ा , हरा या पीले रंग का है, तो थोड़ा सरà¥à¤¤à¤• हो जाना चाहिठऔर समय न गवाते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
बलगम का रंग बताता है शरीर में छà¥à¤ªà¥€ गंà¤à¥€à¤° बीमारियों का हाल, डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से जानें इनका मतलब
​तेज बà¥à¤–ार आना
यदि आपको 102 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤–ार है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाने में देरी नहीं करनी चाहिà¤à¥¤ वैसे तो बà¥à¤–ार और ठंड लगना निमोनिया के आम लकà¥à¤·à¤£ हैं, लेकिन बà¥à¤–ार 105 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट होने पर निमोनिया का संकेत मिलता है। यदि आप आपके परिवार के किसी बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— सदसà¥à¤¯ या मितà¥à¤° की देखà¤à¤¾à¤² कर रहे हैं, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि 65 वरà¥à¤· से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के लोग कà¤à¥€-कà¤à¥€ कम तापमान होने पर à¤à¥€ निमोनिया के शिकार हो जाते हैं।
​छाती में दरà¥à¤¦ होने लगे
अगर आपकी छाती में दरà¥à¤¦ होने लगे, तो निमोनिया हो सकता है। यह दरà¥à¤¦ अकà¥à¤¸à¤° खांसते या छींकते समय महूसस होगा। कà¤à¥€-कà¤à¥€ आप सीढ़â€à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चढ़ने और कपड़े उतारने जैसे छोटे-छोटे काम करने के बीच à¤à¥€ थकान और सांस में कमी का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।
​à¤à¥à¤°à¤® के कारण
कà¥à¤› à¤à¥€ जो अचानक à¤à¥à¤°à¤® या मानसिक सरà¥à¤¤à¤•ता का कारण बनता है वह चिंता का कारण है। 65 वरà¥à¤· से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के लोगों में शà¥à¤°à¥‚आती à¤à¥à¤°à¤® निमोनिया का संकेत देता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि निमोनिया फेफड़ों की ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और कारà¥à¤¬à¤¨à¤¡à¤¾à¤ˆà¤‘कà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ को लाने ले जाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कम कर देता है। यही वजह है कि निमोनिया से पीडित लोग कम गहरी सांस ले पाते हैं। ये दोनों ही कारण मासà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में फà¥à¤°à¥‡à¤¶ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के इन टिपà¥à¤¸ से आप घर बैठे करें शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेवल और लंगà¥à¤¸ की देखà¤à¤¾à¤²
​बà¥à¤°à¤¾ महसूस करना
कà¤à¥€-कà¤à¥€ आप सरà¥à¤¦à¥€, बà¥à¤–ार या संकमà¥à¤°à¤£ के बाद à¤à¥€ धीरे-धीरे ठीक हो जाते हैं। लेकिन अचानक से सà¥à¤§à¤¾à¤° के बाद दोबारा बदतर महसूस करने लगें, तो संà¤à¤µ है कि आपको सैकेंडà¥à¤°à¥€ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो। इसमें जब आपका शरीर कीटाणà¥à¤“ं के à¤à¤• गà¥à¤°à¥à¤ª से लड़ रहा हो, तो दूसरे रोगाणॠके लिठआप पर अटैक करना आसान हो जाता है। इसलिठजो कोई à¤à¥€ सांस संबंधी लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के कà¥à¤› दिनों बाद बेहतर होने के बजाय बदतर महसूस करे, तो देर न करते हà¥à¤ सीधे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
​निमोनिया से बचाव के टिपà¥à¤¸
निमोनिया से बचाव के लिठधूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोडऩा जरूरी है। यह आदत आपको शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£ खासतौर से निमोनिया के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संवेदनशील बनाती है।
हाथों को नियमित रूप से साबà¥à¤¨ और पानी से धोà¤à¤‚।
खांसते और छींकते समय मà¥à¤‚ह पर हाथ रखें। इसके लिठइसà¥à¤¤à¤®à¥‡à¤¾à¤² किठगठटिशू को तà¥à¤°à¤‚त डिसà¥à¤ªà¥‹à¤œ करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत करने के लिठà¤à¤• हेलà¥à¤¦à¥€ लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को अपनाà¤à¤‚।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आराम करें , सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार लें और नियमित तौर पर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
वैसे तो फà¥à¤²à¥‚ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगवाकर निमोनिया के जोखिम को बढऩे से रोका जा सकता है। निमोनिया के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में तेज बà¥à¤–ार, सीने में दरà¥à¤¦ , सांस लेने में तकलीफ और लगातार खांसी शामिल है। इसलिठ, जब à¤à¥€ आपको निमोनिया के à¤à¤• या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वॉनिंग साइनà¥à¤¸ दिखाई दें , तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
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